सेटेलाइट के लांच होते ही  PSLV ने भेजी धरती की खूबसूरत तस्वीरें, चमकता दिख रहा है जमीन

satellite was launched PSLV sent beautiful pictures of the earth
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भारत का राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन जिसका मुख्यालय बेंगलुरु में है और इसकी स्थापना 1969 में की गई थी । इसरो के वर्तमान अध्यक्ष डॉक्टर के सिवान है जिन्होंने 1983 में पदभार संभाला था । इसरो ने आज इतिहास रच दिया इसरो के एक प्रक्षेपण प्रणाली पीएसएलवी C- 49 ने एक साथ 9 उपग्रह लांच की है । भारत का पीएसएलवी c49 अपने नवीनतम पृथ्वी अवलोकन उपग्रह EOS-01 और दो ग्राहक उपग्रहों को शनिवार को यहां अंतरिक्ष यान से उठा ले गया है।

ग्राहक उपग्रह लिथुआनिया (1) , लक्समबर्ग (4) और यूएस (4) से है। इसरो ने कहा कि ग्राहक उपग्रहों को न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड (एनएसआईएल), अंतरिक्ष विभाग के साथ एक वाणिज्यिक समझौते के तहत लांच किया जा रहा है ।

COVID-19 के कारण लांच के दौरान लॉन्च व्यू गैलरी बंद रही ।

पीएसएलवी :- पीएसएलवी एक ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान है जो पृथ्वी सूर्य के समकालीन द्रव्य कक्षा में निम्न कक्षा उपग्रहों को प्रक्षेपित करने के लिए प्रयोग की जाने वाली प्रणाली है ।

पीएसएलवी को अक्सर दुनिया के सबसे विश्वसनीय लॉन्च वाहनों में से एक माना जाता है ।

रॉकेट इंजन को मोटे तौर पर दो प्रकार रूम में वर्गीकृत किया जाता है ठोस और तरल इंधन इंजन । एक ठोस ईंधन रॉकेट में आमतौर पर इंधन और ऑक्सिडाइजर को एक दहन कक्ष में रखा जाता है । 

एक इगनाइटेड है जो आसानी से सहनशील ऑक्सिडाइजर का काम शुरू करता है जो तब प्रणोदक इंधन को प्रज्वलित करता है । तरल प्रणोदक रॉकेट इंजन कहीं अधिक जटिल है । आमतौर पर उनके पास एक तरल ऑक्सीकारक और तरल ईंधन होता है जो दोनों अपने संबंधित बैंक में संग्रहित होते हैं । 

एक पंप है जो इंधन को जलाने और जोर पैदा करने के लिए दहन कक्ष में तरल पदार्थ को इंजेक्ट करता है । तरल इंजनों तथा ठोस इंजनों के कई फायदे हैं क्योंकि इनमें आम तौर पर निष्क्रिय द्रव्यमान का अनुपात कम होता है और इंधन के इंजेक्शन को नियंत्रित, रोका और फिर से चालू किया जा सकता है । 

आज के अधिकांश रॉकेट ठोस और तरल दोनों प्रकार के प्रणोदको के संयोजन का उपयोग करते हैं ।

Polar satellite launch vehicle श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से 26 घंटे की उल्टी गिनती के बाद 3:12 में प्रक्षेपित हुआ । इसरो ने कहा कि लिफ्ट को मूल रूप से 3:02 के लिए प्रक्षेपित किया जाना था लेकिन वाहन के मार्ग पर मलबा आने के कारण 10 मिनट का विलंब हो गया । इस वर्ष भारतीय अनुसंधान संगठन का यह पहला मिशन है ।

इसरो ने पीएसएलवी लॉन्चिंग का लाइव फीड टि्वटर पर अपलोड किया है । अंतरिक्ष संगठन ने यह भी ट्वीट किया कि सभी नौ ग्राहक उपग्रह अंतरिक्ष में अलग हो गए और अपने योजनाबद्ध कक्ष में पहुंच गए।

इसरो ने कहा कि EOS-01 कृषि वानिकी और आपदा प्रबंधन सहायता के अनुप्रयोगों के लिए है ।

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