New Education Policy 2020 in India

new education policy 2020 in india
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New Education Policy 2020 in India नयी शिक्षा नीति की आवश्यकता देश को कई वर्षो से थी इसलिए  केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉक्टर रमेश पोखरियाल ने विद्यालय , विश्वविद्यालय और उच्च स्तर के शिक्षा संस्थानों में पढ़ाई हेतु एक नविन शिक्षा नीति ( national education policy 2020 ) को लागू किया है। । नयी शिक्षा नीति  यानी new education policy 2020 का सम्पूर्ण प्रारूप 29  जुलाई को भारत के समक्ष रखा गया। मोदी सरकार ने नयी शिक्षा नीति को मंज़ूर किया है।  मानव संसाधन विकास मंत्रालय नाम को परिवर्तन करके शिक्षा मंत्रालय रखा गया है । नयी शिक्षा नीति (  national education policy 2020) के तहत अभिभावकों और शिक्षकों को जागरूक रहने की आवश्यकता है। New education policy 2020 से  हर एक छात्र को अपनी योग्यताओ और क्षमताओं को बढ़ाने का मौका मिलेगा।

भारत ने समय के साथ -साथ शिक्षा नीति में बदलाव किया है।  बदलाव किसी भी चीज़ में ज़रूरी है। सबसे प्रथम शिक्षा नीति इंदिरा गाँधी जी ने रखा था , अगली नीति राजीव गाँधी ने ,उसके पश्चात नरसिम्हा राव ने 1992 में शिक्षा नीति में थोड़े से बदलाव किये। बरसो से शिक्षा नीति पुराने भेड़ चाल के अनुसार चल रही है , जिससे आनेवाले युवा की प्रगति  सीमित हो गयी है। New education system in india 2020 के द्वारा  शिक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने की एक कोशिश है।

New Education Policy 2020 in India

विद्यालय शिक्षा ( Education policy 2020 )

New education policy in India 2020

Foundation stage  – तीन साल से आठ साल

Preparatory stage – आठ साल से ग्यारह साल

Middle stage – ग्यारह साल से चौदह साल

Secondary stage – चौदह साल से अठारह साल

पहले के फॉर्मेट यानी 10 + 2 को पूर्ण रूप से समाप्त कर दिया गया है ।  नयी शिक्षा नीति के अनुसार 5+3+3+4 के फॉर्मेट को मंज़ूरी दी गयी है । इसका अर्थ है विद्यालय के प्रथम पाँच वर्ष के अंतर्गत  प्री प्राइमरी स्कूल के तीन वर्ष , कक्षा एक से लेकर कक्षा दो तक दो वर्ष  के चरण में फाउंडेशन स्टेज शामिल होंगे। एक्टिविटी आधारित शिक्षण पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाएगा।

अगले तीन  वर्ष कक्षा तीन से कक्षा पाँच तक के चरण में विभाजित  किया गया है।  इसके पश्चात कक्षा 6 -8 तक विभाजित किया गया है। National education policy 2020 के मुताबिक   कक्षा 9 -12 तक चार वर्ष  में विभाजित किया गया है। विद्यालय में विज्ञान , आर्ट्स , कॉमर्स को लेकर कोई विशेष नियम नहीं बनाये गए है।

छात्र अपने पसंद के अनुसार कोई भी पाठ्यक्रम का चयन कर सकता है। नयी शिक्षा नीति प्रत्येक छात्र की क्षमताओं पर ज़ोर देगी और रचनात्मकता को महत्व दिया जाएगा। पाठ्यक्रम नैतिकता और संवैधानिक मूल्य पर आधारित होगा। जेंडर इन्क्लूसिव फण्ड के अंतर्गत  ‘सभी लड़कियों और ट्रांसजेंडर छात्रों के लिए समान गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान किया जाएगा।

नयी शिक्षा निति के बदलाव के कारण UGC , AICTE और NCTE जैसे संसथान बंद कर दिए जाएंगे।  अब सिर्फ Higher Education Commission of India(HECI) के नाम से एक संसथान स्थापित किया जाएगा जो सारे शिक्षा सम्बंधित  नियमो और निर्णयों की स्थापना और संचालन करेगी।  सभी सरकारी और प्राइवेट विद्यालय और कॉलेज को HECI द्वारा स्थापित किये गए नियमो का पालन करना होगा। 

New education policy 2020 in india

New education policy 2020 in india के मुताबिक बच्चो को पांचवी कक्षा तक मातृभाषा , क्षेत्रीय भाषा अथवा स्थानीय भाषा  में शिक्षा प्राप्त कर सकते है। मोदी जी ने यह कहा कि  अगर बच्चे अपने मातृभाषा में पढ़ाई करेंगे , तो वह मुश्किलों चीज़ो को आसानी से समझ और सीख पाएंगे।  मातृभाषा में पढ़ने से उनकी सीखने के गति और तेज़ हो जायेगी। इस प्रकार के बदलाव को सहमति प्रदान की गयी है। अगर छात्र चाहे तो पाँचवी के बाद भी मातृभाषा , गृहभाषा और क्षेत्रीय भाषा में पढ़ सकते है और अंग्रेजी भाषा में पढ़ने का भी विकल्प होगा । शास्त्रीय, जनजातीय इत्यादि   सभी भारतीय भाषाओं को  बढ़ावा दिया जाएगा।

New education policy 2020 के तहत शिक्षा पर घरेलू उत्पाद का कुल 6 प्रतिशत खर्च किया जाएगा , जो वर्तमान में कम है।

new education policy 2020 in india

 छठवीं कक्षा से वोकेशनल कोर्स आरम्भ किये जाएंगे और  जिनको वोकेशनल कोर्स की तरफ रुझान है ,वे इंटर्नशिप कर सकते है।  कक्षाओं  के दौरान राज्यों और स्थानीय समुदायों द्वारा तय किए गए महत्वपूर्ण व्यावसायिक शिल्प, जैसे कि  कारपेंटरी , बिजली का काम, धातु का काम, बागवानी, मिट्टी के बर्तनों का नमूना आदि की शिक्षा प्रदान की जाएगी।  इससे उनका व्यवहारिक ज्ञान विकसित होगा।

विद्यार्थियों को समग्र विषयो पर दो तरीके के विकल्प दिए जाएँगे। अगर कोई विद्यार्थी दसवीं कक्षा में है , तब गणित के दो ऑप्शन होंगे एक बेसिक और दूसरा स्टैंडर्ड। सिर्फ गणित ही नहीं , बल्कि सारे विषयो में इस प्रकार का विकल्प मिलेगा और यह छात्रों पर निर्भर करेगा करेगा कि वह कौन  से स्तर का विकल्प चुनते है।

संगीत और आर्ट्स को भी पाठ्यक्रम में शामिल कर , उसे बढ़ावा दिया जाएगा। इ यानी इलेक्ट्रॉनिक पाठ्यक्रम को राष्ट्रिय  शैक्षिक टेक्नोलॉजी फोरम द्वारा बढ़ावा दिया जाएगा और इसके लिए वर्चुअल लैब का निर्माण किया जाएगा।

नयी शिक्षा नीति को पूरे राष्ट्र में लागू किया जाएगा और इसके साथ ही राष्ट्रीय भावना पर ज़ोर दिया जाएगा। ।  माद्यमिक स्तर के विद्यालय में सेमेस्टर की प्रणाली अपनायी जायेगी। विद्यार्थियों की प्रगति को आंकने के लिए डिवीज़न के जगह ग्रैड दिए जाएँगे। निम्न जातियों के छात्रों  को विशेष शिक्षा सुविधा के साथ , छात्रवृति दी जायेगी।

प्राथमिक स्तर के विद्यार्थी को फेल नहीं किया जाएगा। भारत में शिक्षकों को समान कार्य और वेतन दिए जाएँगे।  शिक्षकों को प्रशिक्षण केंद्र में उम्दा ट्रेनिंग दी जायेगी। विद्यार्थियों को वर्ष में दस दिनों के लिए स्कूल में , अपने बैग में पुस्तके ले जाने की आवश्यकता नहीं है , इसे बैगलेस डेज कहते है। वर्ष में दस  दिन विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम जैसे क्विज , खेलकूद, , योगा इत्यादि  आयोजित किये जाएँगे ताकि बच्चो की सोचने और समझने की और अधिक विकसित हो सके।

स्कूलों में बोर्ड परीक्षाओ को आसान कर दिया जाएगा। परीक्षाओ को ऑब्जेक्टिव और सब्जेक्टिव पैटर्न के आधार पर लिए जाएँगे।  विद्यार्थियों को इस प्रकार की परीक्षाएँ देने के लिए वर्ष में दो बार प्रस्ताव किये जाएँगे जिनमे से विद्यार्थी किसी एक को चुन सकते है।

नयी शिक्षा नीति ( new education policy 2020 ) के अनुसार कक्षा 3 , 5 और 8 में परीक्षाएँ होगी और दसवीं , बारहवीं की परीक्षा में परिवर्तन किये गए है।  यह परीक्षाएँ सरल होगी। इन परीक्षाओ में बच्चो का कितना ज्ञान है , वह परखा जायेगा।  नेशनल असेसमेंट सेंटर, स्टूडेंट्स की क्षमता का परीक्षण करेगा। बोर्ड परीक्षा में अलग तरीके के प्रैक्टिकल मॉडुल तैयार किये जाएँगे।

PARAKH जैसे संगठन की स्थापना की जाएगी , जो सभी जाने माने स्कूल बोर्ड्स की स्टैंडर्ड सेटिंग बॉडी का कार्य करेगी।

उच्च शिक्षा और कॉलेज परीक्षा के ज़रूरी नियम (National education policy 2020 )

 New education policy के मुताबिक उच्च शिक्षा में ग्रॉस एनरोलमेंट रेश्यो पच्चास प्रतिशत तक ले जाने का उद्देश्य है। स्नातक कोर्स चार साल का निर्धारित किया गया है , जिसे पूरा करने पर स्टूडेंट्स रिसर्च के संग बैचलर डिग्री प्राप्त कर सकते है। New education policy 2020 के तहत सबसे ज़रूरी चीज़ है , मल्टीप्ल एंट्री , एग्जिट सिस्टम  का जारी करना। उदाहरण स्वरुप अभी तक  अगर कोई भी छात्र तीन साल की इंजीनियरिंग , या स्नातक कोर्स करने से पहले किसी कारण वश या रूचि के अभाव में पढ़ाई पूरी नहीं कर पाता है  , तब उसे किसी भी प्रकार का कोर्स सर्टिफिकेट नहीं दिया जाता है। अभी  new education policy 2020 के तहत अगर कोई भी छात्र एक वर्ष की स्नातक की पढ़ाई पूरी करके छोड़ता है , तब उसे एक साल का सर्टिफिकेट , दो वर्ष के पश्चात डिप्लोमा सर्टिफिकेट दिया जाएगा।  तीन और चार वर्ष की पढ़ाई समाप्ति के पश्चात डिग्री मिल जायेगी।

new education policy 2020 in india

  इससे देश में ड्रापआउट का सिलसिला ख़त्म होगा। प्रधानमंत्री जी ने कहा कि शिक्षा नीति ऐसी होनी चाहिए कि किसी भी विद्यार्थी के लक्ष्य और जूनून के बीच कठिनाई बनकर खड़ी ना हो। विद्यार्थी  अपनी चॉइस के अनुसार कोई भी डिग्री ले सकते है और छोड़ सकते है।  New education policy 2020  के अनुसार अभी सारे यूनिवर्सिटी के एक ही प्रकार के नियम होंगे।

स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बीच में विद्यार्थी ब्रेक ले सकता है , इसके लिए मिड टर्म ड्राप आउट का विकल्प दिया जायेगा।  स्नातक कोर्स में बहुविषय हो सकते है।  इसमें विद्यार्थी चाहे तो विज्ञान के साथ आर्ट्स के विषय भी ले सकते है। भारतीय कला और संस्कृति को नयी शिक्षा नीति के तहत बढ़ावा दिया जायेगा। एम  फील की डिग्री समाप्त कर दी जायेगी | कॉलेजो में प्रवेश के लिए कॉमन कॉलेज एंट्रेंस परीक्षा वर्ष में दो बार कराये जाएँगे। यह परीक्षा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के द्वारा करवाई जायेगी।

सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को 2040 से बहु-विषयक बनने का लक्ष्य रखना चाहिए। शिक्षा नीति के अनुसार लॉ और मेडिकल की शिक्षा को छोड़कर , उच्च स्तर की शिक्षा के लिए भारतीय उच्च शिक्षा आयोग का उद्घाटन किया जाएगा।

प्रत्येक जिले में 2030 तक एक बड़ा और विस्तृत  मल्टी  सब्जेक्ट उच्च इंस्टिटूइशन होगा। शिक्षा संस्थानों के पास ऑनलाइन कोर्सेज और डिस्टेंस लर्निंग का प्रावधान होगा। एकडेमी बैंक ऑफ़ क्रेडिट का निर्माण होगा , जिसके अनुसार छात्रों के प्रदर्शन को एक डिजिटल रिकॉर्ड कार्ड में रिकॉर्ड किया जाएगा।

आने वाले  पंद्रह सालों में सभी कॉलेजो को डिग्री प्रदान करने की स्वतंत्रता होगी और किसी भी कॉलेज को यूनिवर्सिटी की मान्यता की आवश्यकता नहीं है।

New education policy 2020 के अंतर्गत नेशनल रिसर्च फाउंडेशन( NRF) की स्थापना की जायेगी।  इस फाउंडेशन का प्रमुख उद्देश्य शोध और रिसर्च संबंधी शिक्षा को प्रोत्साहित करना है | NRF  नए शोध प्रोजेक्ट्स की  फाइनेंसिंग भी करेगा।

निष्कर्ष

आशा है अपने new education policy 2020 के विषय में सारी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त कर होगी। इस प्रकार की शिक्षा नीति आनेवाले पीढ़ी के भविष्य को नयी दिशा देने में सक्षम होगा और कई प्रकार के रोज़गार के द्वार खोल देगा। New education policy 2020 in india के कारण बच्चे पहले पुराने शिक्षा नीति की रटने वाले प्रवृति से छुटकारा पाएँगे।

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