All you need to know about various forms of Education : Formal , Informal and Non formal

Types of Education in india : formal, informal and non-formal

Types of Education in india : formal, informal and non-formal

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शिक्षा क्या है ? (What is education ?)

शिक्षा पर सभी का अधिकार है।  शिक्षा इंसान को सभ्य और सुशिक्षित बनाता है ताकि वह अपने निर्णय खुद ले सके। शिक्षा में ज्ञान , तकनीकी दक्षता , शिक्षण और विद्या प्राप्त करने का एक मुख्य जरिया है। शिक्षा विभिन्न प्रकार के कौशल , व्यापार , व्यवसाय , मानसिक और नैतिक विकास के लिए जिम्मेदार है।  शिक्षा व्यक्ति में हर प्रकार के कौशल का विकास करता है।

शिक्षा समाज में चलने वाली नियमित प्रक्रिया है जिसके माध्यम से इंसान अपने कौशल और ज्ञान का विकास करने में सक्षम है। शिक्षा के बैगर मनुष्य और समाज अधूरा है , उसका कोई अस्तित्व नहीं है। मनुष्य हर प्रकार के संचार माध्यम जैसे अखबार , टीवी , रेडियो ,  दूरदर्शन इत्यादि इंटरनेट से सीखता है। इससे उसका जीवन प्रभावित होता है साथ ही सोचने समझने और तर्क करने की शक्ति में विकास होता है।

शिक्षा व्यक्ति के तर्क और निर्धारित  लक्ष्य को प्राप्त करने की क्षमता में एक प्राकृतिक और स्थायी परिवर्तन लाती है। यह हमें अपने स्वयं के विचारों , विचारों की जांच करने की क्षमता और विचारो को व्यक्त करना भी सिखाती है। शिक्षा एक ऐसा माध्यम  है जो हमें सही और गलत के बीच अंतर करना सिखाती  है क्योंकि शिक्षा की अनुपस्थिति में, हम वह नहीं कर सकते हैं जिससे की हम अपने जीवन में लक्ष्य प्राप्त कर सके। शिक्षा हमारे सोच का निर्माण करता है और दूसरो के समक्ष अपने सोच को रखने की ताकत प्रदान करता है।

किसी भी समस्या से निपटने के लिए  हमें पहले कुछ आवश्यक क्षमताओं के साथ दक्षता हासिल करने की आवश्यकता है। हमें तेजी से कल्पनाशील होने के लिए सीखने  की आवश्यकता है।  शिक्षा मौलिक रूप से क्षमताओं और विचारों का अध्ययन है जो हमें तेजी से अभिनव बना सकती है। आज हम आपको शिक्षा के विभिन्न रूप ( Types of education ) , formal education, informal education और  non- formal education in India  के बारे में बताएँगे :

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Types of education in India : formal , informal and nonformal

शिक्षा के विभिन्न रूप

Formal education in India  / औपचारिक शिक्षा

औपचारिक शिक्षा ( formal education ) मुख्यत विद्यालय में प्राप्त किया जाता है। विद्यालय में एक निश्चित कोर्स करिकुलम होता है जिसके अनुसार बच्चो को पढ़ाया जाता है।  स्कूल करिकुलम में विभिन्न विषय जैसे विज्ञान , गणित , अंग्रेजी , सामाजिक अध्ययन इत्यादि पढ़ाये जाते है। इन सारे विषयो की शिक्षा औपचारिक शिक्षा के अंतर्गत आती है।

औपचारिक शिक्षा के लिए एक निर्दिष्ट पाठ्यक्रम निर्धारित किया जाता है , जिसके नियमो के मुताबिक शिक्षा दी जाती है। बच्चे अक्सर नर्सरी या किंडरगार्टन में पहले शिक्षा  प्राप्त करते है  लेकिन अक्सर औपचारिक शिक्षा प्राथमिक स्कूल में शुरू होती है और माध्यमिक स्कूल तक जारी रहता है।

विद्यालय के शिक्षा के पश्चात कॉलेज और विश्वविद्यालय में शिक्षा पूरी की जाती है जहाँ विद्यार्थिओं को डिग्री प्रदान की जाती है। यह एक विशिष्ट  नियमों और विनियमों के एक निश्चित प्रक्रिया का अनुकरण करता है। औपचारिक शिक्षा विशेष रूप से योग्य और माहिर  शिक्षकों द्वारा दी जाती है जो विद्यार्थियों को कुशल शिक्षा प्रदान कर सके । औपचारिक शिक्षा में कड़े अनुशासन का पालन किया जाता है। इस प्रकार की शिक्षा में शिक्षक , शिक्षा संस्थान  और विद्यार्थियों की अहम भूमिका होती है।

औपचारिक शिक्षा के उदाहरण

Examples of formal education

कक्षा में शिक्षा प्राप्त करना

स्कूल के सर्टिफिकेशन यानी प्रमाणित पत्र और विश्वविद्यालय से उत्तीर्ण होने के पश्चात डिग्री प्रदान की जाती है।

एक निश्चित पाठ्यक्रम के अनुसार विषयो को पढ़ाया जाता है।

औपचारिक शिक्षा की विशेषताएँ

Features of formal education

यह एक सुव्यवस्थित  और सुनिश्चित शिक्षा योजना है।

यह स्कूल और उच्च शिक्षा संस्थान द्वारा प्रदान की जाने वाले शिक्षा है।

इस शिक्षा को प्राप्त कर के लिए विद्यार्थियों को परिश्रम करना पड़ता है।

औपचारिक शिक्षा में पाठ्यक्रम को उचित समय में समाप्त किया जाता है।

यहाँ तय समय में फीस भरनी पड़ती है।

औपचारिक शिक्षा में विद्यार्थियों का मूल्यांकन किया जाता है।

यह शिक्षकों द्वारा पढ़ाया जाता है।

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औपचारिक शिक्षा के फायदे

Benefits of formal education in india

औपचारिक शिक्षा एक सुव्यवस्थित शिक्षा है जहाँ विद्यार्थी अच्छे और एक्सपर्ट शिक्षकों और प्रोफेसर्स से शिक्षा प्राप्त करते है।  यह एक व्यवस्थित तरीके से सीखने की प्रक्रिया है। यहाँ अद्धवार्षिक और वार्षिक परीक्षा आयोजित की जाती है , ताकि विद्यार्थियों के प्रगति को भांप सके। परीक्षाओं में उत्तीर्ण होने के पश्चात विद्यार्थियों को सर्टिफिकेट प्रदान किया जाता है। ऐसे सर्टिफिकेट को प्राप्त करके , वह भविष्य में नौकरी कर सकते है।

In formal education in India

अनौपचारिक शिक्षा

शिक्षा सिर्फ विद्यालय तक सीमित नहीं है।  बच्चे  निर्धारित विषयो का ज्ञान प्राप्त करते है। शिक्षा एक विस्तार माध्यम है। हम अपने जीवन में कई प्रकार के अनुभवों से सीखते है , जिसकी वजह से हम सच और झूठ के बीच फर्क कर सकते है और सही निर्णय लेने में सक्षम हो पाते है।

व्यक्ति अनौपचारिक शिक्षा,  पुस्कालय से पुस्तकों को पढ़कर प्राप्त कर सकते है। व्यक्ति किसी भी वेबसाइट से अपने इच्छा से किसी भी विषय में ज्ञान प्राप्त कर सकते है। अनौपचारिक शिक्षा में किसी भी प्रकार की कोई विशेष शिक्षा प्रणाली यानी मेथड नहीं होता है। यह कोई योजना अनुसार शिक्षा नहीं होती।  अनौपचारिक शिक्षा ( informal education ) आप जीवन में कहीं भी प्राप्त कर सकते है चाहे वह घर हो या बाजार। अनौपचारिक शिक्षा में कोई निर्धारित समय या टाइम टेबल नहीं होता है।

अनौपचारिक शिक्षा ( informal education ) ऐसी शिक्षा है जो हम अपने परिवार और समाज से सीखते है।  यह अनुभव काफी महत्वपूर्ण होते है , क्यों कि यह ज़िन्दगी के किसी भी मोड़ पर हमारे काम आते है। अनौपचारिक शिक्षा वह है जो हम ज़िन्दगी के विभिन्न चरण में सीखते है जैसे गाड़ी चलाना, खाना बनाना, विशिष्ट व्यवस्था करना और अपॉइंटमेंट बुक करना सीखना इत्यादि । अनौपचारिक शिक्षा समाज और समुदाय के प्रभाव में प्राप्त की जाती है। अनौपचारिक शिक्षा वह अनमोल अनुभव है जिसका  सामना व्यक्ति  पूरे जीवन भर करता है।

अनौपचारिक शिक्षा की विशेषताएँ

Features of informal education

 इस प्रकार की शिक्षा प्राप्त करने के लिए कोई निर्धारित पाठ्यक्रम नहीं होना चाहिए।

यह कोई पहले से निर्धारित की हुयी शिक्षा योजना नहीं है। कोई विशेष टाइम टेबल का अनुकरण नहीं किया जाता है।

यह जीवन प्रयन्त शिक्षा है जो व्यक्ति कहीं से भी अर्जित कर सकता है।

इस शिक्षा में कोई भी सर्टिफिकेट की ज़रूरत नहीं होती है।

आप अनौपचारिक शिक्षा ( informal education ) अपने परिवार , मित्र और जीवन के विभिन्न अनुभवों से प्राप्त कर सकते है।

इस प्रकार की शिक्षा सारी ज़िन्दगी चलती है।

अनौपचारिक शिक्षा के फायदे

Benefits of Informal education

इस प्रकार की शिक्षा कहीं से भी आप प्राप्त कर सकते है। इस शिक्षा को पूरा करने के लिए कोई निर्धारित समय नहीं होता है।

इसमें परीक्षा देने के लिए किसी प्रकार का दबाव नहीं होता है। इसमें किसी शिक्षक की ज़रूरत नहीं होती है। व्यक्ति अपने मनपसंद स्रोत से अनौपचारिक शिक्षा प्राप्त कर सकता है जैसे टीवी , अखबार , रेडियो इत्यादि।

निरौपचारिक शिक्षा

Non- formal education in India

निरौपचारिक शिक्षा, ( non- formal education ) एक तरह की शिक्षा है जिसमें एडल्ट व्यक्ति  के लिए बुनियादी शिक्षा, बड़ो  के लिए साक्षरता शिक्षा या तैयारी जो स्कूल में किए गए लोगों के बराबर है। इस तरह की शिक्षा घर में दी जाती है, यह निर्देश व्यक्तियों को दिया जाता है, दूरस्थ  यानी डिस्टेंस शिक्षा कार्यक्रम और कंप्यूटर आधारित शिक्षा को भी इस तरह की शिक्षा में शामिल किया जा सकता है। इस प्रकार के प्रशिक्षण को कौशल के रूप में माना जाता है। इस तरह की शिक्षा को अधिक बढ़ावा दिया जाना चाहिए क्योंकि वे औद्योगिक जरूरतों को पूरा करने में  माहिर हैं। इस शिक्षा को उच्च स्तर के  ढाँचे में विकसित किया जा सकता है।

निरोपचारिक शिक्षा  प्रणाली  ( nonformal education system ) को उन छात्रों के लिए लचीला  यानी फ्लेक्सिबल बनाते  है जो सीखना चाहते हैं। यही कारण है कि अन्य प्रकार की शिक्षाओं की तुलना में काफी अनोखा है।

निरोपचारिक शिक्षा के उदाहरण

Examples of nonformal education

बॉय स्काउट्स और गर्ल्स गाइड्स कुछ खेल कार्यक्रम आयोजित  करते हैं जैसे तैराकी यानी स्विमिंग जो निरोपचारिक शिक्षा ( nonformal education )  के अंतर्गत आते  है।

फिटनेस  यानी स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रम

कम्युनिटी संबंधी एडल्ट शिक्षण कार्यक्रम

निशुल्क एडल्ट शिक्षण कार्यक्रम जो कुछ संगठनों द्वारा आयोजित किये जाते है।

निरोपचारिक शिक्षा की विशेषताएँ

Features of non formal education

यह एक प्रकार की शिक्षा जिसमे व्यक्ति को स्कूल जाकर शिक्षा प्राप्त करने की ज़रूरत नहीं है।  इस शिक्षा के  अंतर्गत व्यक्ति समान्य कौशल ज्ञान प्राप्त कर सकता है।

इसका टाइम टेबल एडजस्ट किया जा सकता है।

निरोपचारिक शिक्षा ( nonformal education ) प्राप्त करने की कोई आयु सीमा नहीं होती है।

इस प्रकार की शिक्षा में डिप्लोमा , डिग्री की आवश्यकता नहीं होती है।

यह पूर्णकालिक( फुल टाइम ) या अंशकालिक  ( पार्ट टाइम ) शिक्षण पद्धति  हो सकती  है जिसमे आप  एक साथ कमा सकते  है और सीख  भी सकते है।

इस प्रकार की शिक्षा में पेशेवर कौशल यानी स्किल सिखाएँ जाते  है।

निरोपचारिक शिक्षा के फायदे

Benefits of nonformal education

व्यक्तियों की क्षमताओं के अनुसार लचीले पाठ्यक्रम निर्धारित किये जाते है।

किसी भी सेडुल यानी समय और पाठ्यक्रम  के  पालन करने की ज़रूरत नहीं है , और नियमित   परीक्षा देने की  भी आवश्यकता नहीं है।

एक व्यक्ति में विशेष कौशल विकसित करने में  यह शिक्षण प्रणाली मदद करता है।

यह एक व्यवसायिक प्रशिक्षण प्रणाली है।

निष्कर्ष

हमे उम्मीद है , आपने शिक्षा के विभिन्न रूपों के विषय में ज्ञान प्राप्त कर लिया है। औपचारिक शिक्षा व्यापक और विस्तृत होता है , जबकि जब कि अनौपचारिक शिक्षा का पाठ्यक्रम  वर्त्तमान में  सामाजिक और पारिवारिक परिस्थितिओं से प्राप्त विभिन्न अनुभवों पर निर्भर करता है। निरोपचारिक शिक्षा स्थान , वर्ग , आयु सीमा के बंधनो से मुक्त , व्यवसायिक कौशल पर आधारित होता है।

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